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Chandravanshi caste/Rawani Rajput

 आज जानने की कोशिश करते हैं असली कहार जाती के बारे में जिससे कि ये स्पष्ट हो कि चंद्रवंशी क्षत्रिय/रवानी राजपुत और कहार में क्या अन्तर है।  असली कहार जातियां जिनका उदगम राजस्थान रहा है वो हैं जो तीन वर्गों में विभाजित हैं— बुडाना, तुरहा और महार। इन तीनों के अंदर भी और क्लैन हैं जैसे पिंडवाल, बामनावत, कटारिया, बिलावत, कश्यप और ओटासनिया।  ओड़िशा/ गुजरात — यहां कहार जाति भोई/भुज नाम से भी जानी जाती है। उत्तर प्रदेश/बिहार/मध्य प्रदेश:— धीमर, धींवर, गोंड, धुरिया कहार, धुस, कश्यप समाज, निषाद समाज, भुर्जी, बाथम, कमकर, मेहरा, खरवार, बागरी, पटवा, मांझी, मल्लाह, बिंद, केवट इत्यादि। अब आते हैं असली चंद्रवंशी क्षत्रिय/रवानी राजपुत जो बिहार में निवास करती हैं जो महाराज जरासंध के वंश से हैं और जिनका लिखित प्रमाण भी है। नंद के अत्याचारों से विस्थापित होने के कारण कुछ क्षत्रियों ने कहारि किया और अन्य उनके साथ वैवाहिक संबंध रखने के कारण वो भी कहार कहे गए पर अपना गोत्र अभी भी भारद्वाज और चंद्रयान ही बताते हैं (कुछ जो अपना गोत्र भूल चुके हैं वहीं खुद को कश्यप बताते हैं जो कि सरासर गलत है)...